🌹🙏🏻 भावभीनी श्रद्धांजली🙏🏻🌹
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कुछ विरले चरित्र हवा व वृक्ष की जड़ की भांति अदृश्य रहकर भी सदैव साथ रहते हैं। ऐसे ही व्यक्तित्व की धनी कर्म को कामधेनु स्वरूप मानने वाली करूणामुर्ति, कर्मयोगी, सरलता के साथ दृढ़ निश्चय की धनी स्व. सौ. सुलोचनाजी वख्तावरमलजी रांका दादाई निवासी ने नश्वर शरीर को छोड़कर इस असार संसार से दिनांक 14 जून 2017 को विदा ले ली।
ईश्वर के फैसले को नतमस्तक होकर मानने के लिए सभी को मजबूर होना ही पड़ता है| उनका स्नेह एवं मिलनसारिता अब स्मृति मात्र का विषय रह गया है| गोडवाड ज्योती परिवार, शा दीपचंदजी पूनमचन्दजी मुणोत परिवार एवं व्यक्तिगत रूप से मेरी ओर से शोकाकुल रांका परिवार को दुःख की इस घड़ी से सांत्वना देते हुए, दिवंगत आत्मा को हार्दिक श्रद्धांजली व्यक्त करते हुए, श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं और उनके शांत विचरण, आध्यत्मिक विकास एवं शीघ्र मुक्ति के लिए मंगल प्रार्थना करते हैं|
कुछ विरले चरित्र हवा व वृक्ष की जड़ की भांति अदृश्य रहकर भी सदैव साथ रहते हैं। ऐसे ही व्यक्तित्व की धनी कर्म को कामधेनु स्वरूप मानने वाली करूणामुर्ति, कर्मयोगी, सरलता के साथ दृढ़ निश्चय की धनी स्व. सौ. सुलोचनाजी वख्तावरमलजी रांका दादाई निवासी ने नश्वर शरीर को छोड़कर इस असार संसार से दिनांक 14 जून 2017 को विदा ले ली।
ईश्वर के फैसले को नतमस्तक होकर मानने के लिए सभी को मजबूर होना ही पड़ता है| उनका स्नेह एवं मिलनसारिता अब स्मृति मात्र का विषय रह गया है| गोडवाड ज्योती परिवार, शा दीपचंदजी पूनमचन्दजी मुणोत परिवार एवं व्यक्तिगत रूप से मेरी ओर से शोकाकुल रांका परिवार को दुःख की इस घड़ी से सांत्वना देते हुए, दिवंगत आत्मा को हार्दिक श्रद्धांजली व्यक्त करते हुए, श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं और उनके शांत विचरण, आध्यत्मिक विकास एवं शीघ्र मुक्ति के लिए मंगल प्रार्थना करते हैं|
